बिजनौर जिले के मसनपुर गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहां एक महिला ने अपने जीवनसाथी को खोने के बाद खुद भी दुनिया को अलविदा कह दिया। दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली, और गंगा बैराज पर एक ही चिता पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया।

जानिए, क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मार्मिक घटना किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव मसनपुर की है। गांव के रहने वाले 45 वर्षीय भीम सिंह बीते कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे। उनका इलाज ऋषिकेश स्थित एम्स और डोईवाला के जौलीग्रांट अस्पताल में चल रहा था। इस मुश्किल वक्त में उनकी पत्नी राजकुमारी (42) दिन-रात उनकी सेवा में लगी रहीं। बीमारी ने शरीर तोड़ दिया था, लेकिन पत्नी का साथ कभी नहीं छूटा।

पति की मौत नहीं सह पाई पत्नी, जहरीला पदार्थ खाकर दी जान
बताया जा रहा है कि बीते सोमवार की शाम भीम सिंह ने इलाज के दौरान आखिरी सांस ली। जब मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया, तो राजकुमारी टूट गईं। वो पति के शव से लिपटकर रोती रहीं, लेकिन शायद अंदर ही अंदर वो एक फैसला ले चुकी थीं। कुछ समय बाद वह चुपचाप अपने कमरे में चली गईं। जब काफी देर तक बाहर नहीं आईं तो परिजनों ने जाकर देखा तो वह बेहोश पड़ी थीं। आनन-फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया था। पति के वियोग में उन्होंने भी इस दुनिया को छोड़ दिया।

एक ही चिता पर मिली अंतिम विदाई, गांव की आंखें नम
वहीं इस दर्दनाक घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया। लोगों ने बताया कि यह दलित दंपती मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। गांव में इतना गम था कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। बुधवार को गंगा बैराज पर दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही चिता पर पति-पत्नी की विदाई ने हर आंख को नम कर दिया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्यार सिर्फ जिंदगी तक नहीं, मौत के पार तक साथ चलता है।

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