बिहार कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आई है। विधायक दल के नेता और उपनेता के चयन को लेकर सोमवार देर रात पटना में हुई अहम बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। लंबी चर्चा के बावजूद विधायकों के बीच सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल फैसला टाल दिया है।

सोमवार (2 फरवरी) की रात हुई इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु रूस के साथ कांग्रेस के सभी छह विधायक मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा विधायक दल के नेता और उपनेता का चयन था, लेकिन विचारों में मतभेद के कारण निर्णय संभव नहीं हो सका। बैठक के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि नेतृत्व को लेकर विधायकों की राय एकमत नहीं है। पार्टी नेतृत्व इस बात से भी सतर्क दिखा कि बिना सर्वसम्मति के नाम तय करने से भीतरखाने नाराजगी बढ़ सकती है, जो आगे चलकर टूट का कारण बन सकती है।

ढाई महीने बाद भी नेता तय नहीं
बिहार विधानसभा चुनाव नतीजे के ढाई महीने बाद भी कांग्रेस विधायक दल का नेता और उपनेता तय नहीं हो पाया है। यह स्थिति पार्टी के लिए असहज मानी जा रही है, खासकर तब जब विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है और विपक्ष की भूमिका अहम हो जाती है। सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर जल्द ही एक और बैठक बुलाई जा सकती है।

कांग्रेस में टूट की अटकलें लगातार तेज
बता दें कि कांग्रेस में टूट की अटकलें लगातार तेज हैं। हाल के दिनों में पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठकों में कई विधायक शामिल नहीं हो रहे थे। इसी बीच NDA की ओर से यह दावा भी किया गया है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक पाला बदल सकते हैं।

बिहार विधानसभा में कांग्रेस के छह विधायक हैं-

  • मनोज विश्वास (फारबिसगंज)
  • मो. कमरूल होदा (किशनगंज)
  • आबिदुर रहमान (अररिया)
  • सुरेंद्र प्रसाद (वाल्मीकिनगर)
  • मनोहर प्रसाद सिंह (मनिहारी)
  • अभिषेक रंजन (चनपटिया)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights