दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को एक पाकिस्तानी महिला की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि उसका आवासीय परमिट निलंबित न किया जाए और उसकी मियाद बढ़ाई जाए।

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने दिन में विशेष सुनवाई करते हुए कहा कि 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा निलंबित करने के केंद्र के फैसले की न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से किया गया है।

न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि केंद्र के आदेश में कोई अपवाद बनाना अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। भारतीय व्यक्ति से विवाहित पाकिस्तानी महिला ने वीजा रद्द किये जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया। महिला ने अदालत से आग्रह किया कि वह प्राधिकारियों को उसके दीर्घकालिक वीजा के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दे।

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