अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम प्रस्ताव के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का बयान सामने आया है. उन्होंने ईरान की सेना और देश की जनता की सराहना की है. पेजेश्कियान ने मैसेज में कहा कि वह देश की रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों के हाथों को चूमते हैं और उनका सम्मान करते हैं. उन्होंने सेना को देश का सच्चा रक्षक बताया.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने आगे कहा कि ईरान का उज्ज्वल भविष्य और आने वाले समय की शांति, देश की जनता की हिम्मत, धैर्य और एकता की वजह से संभव है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश के लोग और सेना मिलकर देश की सुरक्षा और मजबूती को बनाए हुए हैं. राष्ट्रपति ने यह साफ किया कि देश की ताकत उसकी जनता और सेना की एकजुटता में है. उन्होंने सभी लोगों से इसी तरह एक साथ खड़े रहने की अपील की, ताकि देश सुरक्षित और मजबूत बना रहे. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी हुई है, लेकिन साथ ही युद्धविराम की कोशिशें भी जारी हैं.

कब हुई थी ईरान-अमेरिका जंग की शुरुआत?

बीते महीने 28 फरवरी को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हवाई हमला किया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. उनके अलावा कई अन्य नेताओं की हमले में जान चली गई थी. इस अटैक बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी, जिसका नतीजा ये हुआ कि पूरा मिडिल ईस्ट लड़ाई के मैदान में तब्दील हो गया.

ईरान ने सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, कतर समेत UAE में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. हालांकि, अब युद्ध को रोकने के लिए दुनिया के तमाम देश लगे हुए हैं. इसके लिए लगातार एक-दूसरे से बातचीत कर रहे हैं, जिसमें भारत भी अहम भूमिक निभा रहा है.

नीरज राजपूत वॉर, डिफेंस और सिक्योरिटी से जुड़े मामले देखते हैं. पिछले 20 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का अनुभव है. एबीपी न्यूज के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अनकट के ‘फाइनल-असॉल्ट’ कार्यक्रम के प्रेजेंटर भी हैं.

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