डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने घोषणा की है कि इजराइल  (Israel) और लेबनान (Lebanon) के बीच गुरुवार को अहम बातचीत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच “थोड़ी राहत” और तनाव कम करने के लिए उठाया गया है।  यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों देशों के बीच इस स्तर की बातचीत लगभग 34 साल बाद हो रही है। इससे पहले हाल ही में वॉशिंगटन में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई थी।

इस बैठक में इजराइल ने साफ कहा है कि वह Hezbollah के निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ने) पर जोर देगा। वहीं लेबनान ने युद्धविराम और मानवीय संकट को कम करने के उपायों की मांग रखी है। अमेरिका का कहना है कि फिलहाल उसका मुख्य लक्ष्य तुरंत सीजफायर कराना नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाना है। अधिकारियों के मुताबिक, शांति के लिए पहले “कॉन्फिडेंस बिल्डिंग” जरूरी है, ताकि आगे कोई स्थायी समझौता हो सके।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio की मौजूदगी में हुई पिछली बैठक को भी तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि लेबनान से जुड़ा मुद्दा ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता का हिस्सा नहीं है। फिर भी, अगर इजराइल और लेबनान के बीच समझौता होता है, तो इससे पूरे क्षेत्र में शांति की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

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