दुनिया अभी कोविड के जख्मों से पूरी तरह उभरी भी नहीं थी कि हंतावायरस (Hantavirus) के एक खतरनाक स्ट्रेन ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। एक क्रूज शिप पर फैले इस वायरस ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी है क्योंकि इससे संक्रमित यात्री दुनिया के कम से कम 12 अलग-अलग देशों में पहुंच चुके हैं।
बता दें कि यह पूरा मामला अप्रैल महीने में शुरू हुआ जब MV Hondius नाम की एक क्रूज शिप अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से रवाना हुई। जहाज पर सवार दो डच यात्री दक्षिण अमेरिका में पक्षी देखने के लिए एक ‘लैंडफिल’ (कचरा क्षेत्र) गए थे। वहां वे चूहों के संपर्क में आए और संक्रमित हो गए। जहाज पर लगभग 150 लोग सवार थे। धीरे-धीरे यह वायरस एक से दूसरे यात्री में फैलने लगा। अब तक 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है जिनमें से 3 लोगों की दुखद मौत हो गई है।
चूहों के मल-मूत्र या लार से फैलता है हंतावायरस
आमतौर पर हंतावायरस चूहों के मल-मूत्र या लार से फैलता है लेकिन इस बार मिला ‘एंडीज स्ट्रेन’ अधिक डरावना है। चिली के वैज्ञानिकों के अनुसार यह स्ट्रेन खांसने, छींकने, किस (Kiss) करने या एक ही ग्लास/स्ट्रॉ से पानी पीने से भी फैल सकता है। अध्ययन बताते हैं कि संक्रमित व्यक्ति के पार्टनर को संक्रमण का खतरा घर के अन्य सदस्यों के मुकाबले 10 गुना ज्यादा होता है। जब मरीज बहुत बीमार होता है तो उसके शरीर के तरल पदार्थों में वायरस की मात्रा बहुत अधिक होती है।
12 देशों में अलर्ट: यात्रियों की तलाश जारी
24 अप्रैल को यह शिप सेंट हेलेना द्वीप पर रुकी जहां 29 यात्री उतरे। उस वक्त किसी को भी वायरस के खतरे का अंदाजा नहीं था। ये यात्री अब कनाडा, अमेरिका, यूके, नीदरलैंड, जर्मनी, तुर्की, सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसे देशों में जा चुके हैं। संबंधित देशों की सरकारें अब इन यात्रियों को ढूंढकर ‘आइसोलेट’ (क्वारंटीन) करने की कोशिश कर रही हैं।
जानें क्या कहतें हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों की राय इस मामले में थोड़ी राहत देने वाली है:
प्रोफेसर पॉल हंटर के अनुसार हंतावायरस दशकों से मौजूद है और यह यूरोप या दुनिया के लिए कोविड जैसा बड़ा खतरा नहीं बनेगा।
प्रोफेसर फ्रांस्वा बालू का कहना है कि हालांकि यह करीबी संपर्क से फैल सकता है लेकिन इसके लिए बहुत ‘ज्यादा वायरल लोड’ जरूरी है। यह सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह आसानी से नहीं फैलता।
R-नंबर: राहत की बात यह है कि शुरुआती फैलाव के बाद कंट्रोल उपायों के कारण इसका संक्रमण दर (R-नंबर) 1 से नीचे आ गया है।
सावधानी और बचाव
आम जनता के लिए खतरा बहुत कम है। केवल उन्हीं लोगों को चिंता करने की जरूरत है जो संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब आए हों। अगर कोई यात्री या व्यक्ति बीमार महसूस करे तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चूहों के बसेरे वाली जगहों से दूर रहें और खाना-पीना साझा करते समय सावधानी बरतें।
