एक भारतीय नौसेना अधिकारी कैप्टन शिव कुमार ने इंडोनेशिया के जकार्ता में एक सेमिनार में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के शुरुआती दौर में भारतीय वायुसेना ने राजनीतिक आदेशों के कारण पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले नहीं किए, जिसके कारण कुछ लड़ाकू जेट खो दिए गए। उन्होंने बताया कि शुरुआत में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का निर्देश था, जिसके बाद रणनीति बदली गई और सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया।

कांग्रेस ने उठाए सरकार से गंभीर सवाल
नौसेना अधिकारी के बयान को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे इस मुद्दे पर विपक्ष को पूरी जानकारी देंगे, और क्यों संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाया गया। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से भी इस मामले में पारदर्शिता की मांग की है।

भारतीय दूतावास ने बयान को बताया गलत संदर्भ में प्रस्तुत
इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने इस बयान को लेकर सफाई दी है कि अधिकारी की टिप्पणियों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। दूतावास ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बल राजनीतिक नेतृत्व के अधीन कार्य करते हैं और ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादी बुनियादी ढांचे को ही निशाना बनाना था, न कि उकसावे वाली कार्रवाई करना।

ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय जवाबी कार्रवाई
7 मई की रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से प्रतिक्रिया दी, लेकिन भारतीय सेना ने प्रभावी ढंग से जवाब दिया। अंततः 10 मई को दोनों देशों ने युद्ध विराम पर सहमति जताई।

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