केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अल्पसंख्यक महिलाओं के नाम पर राजनीति कर बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता और संविधान की मूल भावना समानता व न्याय पर आधारित है, तुष्टिकरण पर नहीं।

चौधरी, विधानसभा में ‘नारी सशक्तिकरण’ पर बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र की कार्यवाही को देखने के लिए राज्यपाल दीर्घा में बैठे थे। चौधरी ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहता है जबकि भाजपा इसे नारी सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानती है। उन्होंने कहा, “हमारा स्पष्ट मत है कि हर वर्ग की महिलाओं को समान अवसर और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी मिलनी चाहिए।

चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यह केवल विधेयक नहीं, महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी को सुनिश्चित करने का संकल्प है।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष को डर है कि महिला आरक्षण प्रभावी होने से उसकी तुष्टिकरण की राजनीति खत्म हो जाएगी और विकास की राजनीति को मजबूती मिलेगी।

चौधरी ने कहा, ”विपक्षी दल वर्षों तक महिलाओं के नाम पर सिर्फ राजनीति करते रहे, अधिकार देने का साहस नहीं दिखा सके। भाजपा ने न केवल कानून पारित किया, बल्कि योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भर भी बनाया।” उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से लोकतंत्र अधिक समावेशी और सशक्त बनेगा। चौधरी ने दोहराया कि भाजपा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से महिला सशक्तिकरण के इस ऐतिहासिक प्रयास का समर्थन करने और समावेशी-विकसित समाज के निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया।

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