अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन (Pentagon) ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए कनाडा के साथ दशकों पुराने संयुक्त रक्षा बोर्ड में अपनी भागीदारी फिलहाल स्थगित कर दी। यह बोर्ड द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्तरी अमेरिका की सुरक्षा समन्वय के लिए बनाया गया था। अमेरिकी रक्षा उपसचिव एलब्रिज कोल्बी (Elbridge Colby) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अब अमेरिका “वादों और वास्तविकता के बीच की खाई” को नजरअंदाज नहीं कर सकता। उनका आरोप है कि Canada ने रक्षा खर्च बढ़ाने और सैन्य जिम्मेदारियों को साझा करने के अपने वादों पर पर्याप्त प्रगति नहीं दिखाई।

यह संयुक्त रक्षा बोर्ड 1940 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था। इसका उद्देश्य अमेरिका और कनाडा के बीच सैन्य सहयोग, सीमा सुरक्षा और महाद्वीपीय रक्षा को मजबूत करना था। इसमें दोनों देशों के सैन्य और असैन्य अधिकारी शामिल होते हैं। अब पेंटागन इस बोर्ड की भूमिका की समीक्षा करेगा और देखेगा कि यह “उत्तरी अमेरिका की साझा सुरक्षा” में कितना प्रभावी साबित हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से कनाडा और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अन्य सदस्य देशों पर अपनी सेनाओं पर पर्याप्त खर्च नहीं करने का आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना है कि रक्षा का बोझ अमेरिका उठा रहा है। इसके अलावा शुल्क (टैरिफ), उत्तर अमेरिकी व्यापार समझौते की समय-सीमा समाप्त होने और ट्रंप व कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बढ़ती तनातनी के कारण दोनों देशों के रिश्तों में तनाव लगातार गहराता जा रहा

है। भागीदारी स्थगित करने की घोषणा करते हुए रक्षा उपसचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अब हम वादों और हकीकत के बीच की इस खाई को नजरअंदाज नहीं कर सकते। बड़ी शक्तियों को रक्षा और सुरक्षा की साझा जिम्मेदारी निभाते हुए अपने वादों पर खरा उतरना होगा।” कोल्बी ने अपनी पोस्ट में वर्ष 2025 के शिखर सम्मेलन में कनाडा और अन्य देशों द्वारा रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए की गई प्रतिबद्धताओं का भी उल्लेख किया और कहा कि अमेरिका अब दोनों देशों के सैन्य और असैन्य अधिकारियों से मिलकर बने ‘परमानेंट जॉइंट बोर्ड ऑन डिफेंस’ की भूमिका का आकलन करेगा और देखेगा कि यह “उत्तरी अमेरिका की साझा सुरक्षा” को कितना लाभ पहुंचा रहा है। यूरोपीय सहयोगी देशों और कनाडा ने वर्ष 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण किए जाने के बाद से अपनी सेनाओं पर भारी निवेश किया है। कनाडा समेत नाटो देशों ने पिछले वर्ष 2035 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का पांच प्रतिशत रक्षा पर खर्च करने का संकल्प लिया था।

पेंटागन ने कहा कि कोल्बी की ‘एक्स’ पोस्ट के अलावा फिलहाल उसके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। वहीं, मार्क कार्नी के कार्यालय ने इस घोषणा पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह फैसला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पश्चिमी सहयोगी देशों के साथ अमेरिका के कमजोर पड़ते रिश्तों की ओर भी संकेत करता है। पिछले सप्ताह पेंटागन ने पोलैंड और जर्मनी में तैनाती रद्द करते हुए यूरोप से हजारों अमेरिकी सैनिकों की वापसी का निर्णय लिया था। सांसद डॉन बेकन ने सोमवार को पेंटागन के इस फैसले की आलोचना करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “अपने पड़ोसी देश के साथ इस करीबी गठबंधन को बनाए रखने के लिए समझदारी और शांत दिमाग से काम लेने की जरूरत है।”

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights