मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से रिश्तों के लेन-देन का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने 90 के दशक की सुपरहिट फिल्म जुदाई की यादें ताजा कर दी हैं। फैमिली कोर्ट में पहुंचे एक विवाद के बाद एक महिला अधिकारी ने अपने प्रेमी (जो कि शादीशुदा है) के साथ रहने के बदले उसकी पत्नी और बच्चों को डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति देने का सौदा मंजूर कर लिया है।

दफ्तर में शुरू हुआ इश्क, घर में मचा कोहराम

पूरा मामला एक सरकारी विभाग से जुड़ा है जहां काम करने वाले 42 वर्षीय कर्मचारी का दिल अपनी ही सीनियर महिला अधिकारी पर आ गया। वह अधिकारी उम्र में उससे करीब 10 साल बड़ी है। दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियों की खबर जब कर्मचारी के घर पहुंची तो रोजाना झगड़े शुरू हो गए। इस विवाद का सबसे बुरा असर उनकी 16 और 12 साल की बेटियों पर पड़ा। घर के खराब माहौल से तंग आकर बड़ी बेटी ने खुद फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और काउंसलिंग की गुहार लगाई।

पत्नी की शर्त: पति लो, पर बच्चों का भविष्य दो

फैमिली कोर्ट में लंबी काउंसलिंग के बाद पत्नी ने एक व्यावहारिक रास्ता चुना। उसने अपने पति की खुशी और बेटियों की आर्थिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए एक बड़ी शर्त रखी। पत्नी ने मांग की कि उसे और उसकी बेटियों को रहने के लिए एक आलीशान डुप्लेक्स मकान और भविष्य के लिए 27 लाख रुपये नकद दिए जाएं।

प्रेमिका ने तुरंत भरी हामी

चौंकाने वाली बात तब हुई जब पति की प्रेमिका (महिला अधिकारी) ने बिना किसी हिचकिचाहट के यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। उसने डुप्लेक्स मकान और कैश मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति देने पर सहमति जताई। महिला अधिकारी का कहना था कि वह नहीं चाहती कि उसके प्रेमी के परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़े।

एक समझौता, कई सवाल

अब इस लिखित सहमति के साथ पति-पत्नी अलग होने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। समाज में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आर्थिक रूप से बेटियां सुरक्षित हो गई हैं लेकिन पारिवारिक बिखराव एक बड़ी चुनौती है। फैमिली कोर्ट में इस तरह के सेटलमेंट दुर्लभ होते हैं जहां तीसरा पक्ष (प्रेमिका) भुगतान करने के लिए तैयार हो जाए।

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