लखनऊ पुलिस आयुक्त कार्यालय के एक कांस्टेबल ने 24 घंटे के भीतर दूसरा वीडियो जारी कर विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप दोहराए हैं और विभागीय जांच के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। वर्ष 2015 बैच के कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला फिलहाल रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात हैं। अपने नए वीडियो में उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित किया।

मिली जानकारी के मुताबिक,  शुक्ला ने मामले में की जा रही जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, वही जांच की निगरानी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, ऐसी स्थिति में न्याय कहां से मिलेगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। मैं निष्पक्ष एजेंसी से जांच की अपील करता हूं।

विवाद की शुरुआत बीते गुरुवार को हुई, जब शुक्ला का पहला वीडियो सामने आया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त कार्यालय में भ्रष्ट सामंती व्यवस्था है, जहां कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को तैनाती के लिए ड्यूटी प्रभारी को हर महीने करीब 2,000 रुपए देने पड़ते हैं। उनका दावा था कि यह रकम भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक शुक्ला अगस्त 2022 से लखनऊ में तैनात हैं और वर्तमान में 20 दिन की छुट्टी पर हैं। आरोपों पर लखनऊ पुलिस आयुक्त कार्यालय ने बयान जारी कर दावों को खारिज किया।

विभाग ने कहा कि रिजर्व पुलिस लाइन में तैनाती राजपत्रित अधिकारियों की देखरेख में सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत होती है। विभाग ने अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) पुलिस लाइन के नेतृत्व में एक समिति गठित की है, जो निष्पक्ष और विस्तृत जांच करेगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के निष्कर्षों के आधार पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, शुक्ला का कहना है कि आरोपी अधिकारियों की वरिष्ठता को देखते हुए विभागीय जांच से निष्पक्ष नतीजा नहीं निकलेगा।

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