समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि निजी स्कूलों में किताबों और यूनिफॉर्म की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाया.
कैराना से लोकसभा सदस्य ने यह मांग भी की कि महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए.
इकरा ने कहा, ‘सीबीएसई बोर्ड के कई स्कूल अभिभावकों पर बोझ डाल रहे हैं. स्कूल प्रबंधन किसी एक किताब विक्रेता को तय कर देते हैं जहां से ही अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म खरीदनी पड़ती हैं.’
उन्होंने कहा, ‘सरकार से मेरा आग्रह है कि निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों पर रोक लगाई जाए, किसी एक विक्रेता से खरीद को अनिवार्य बनाने पर रोक लगे, यूनिफॉर्म और किताबों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किया जाए और अभिभावकों की शिकायतों के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा दी जाए.’
शिक्षा समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है, जिसकी जीवंत मिसाल महात्मा ज्योतिबा फुले जी और महिला शिक्षा की जनक सावित्रीबाई फुले जी हैं।
उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देते हुए, शिक्षा के प्रसार हेतु दोनों महान विभूतियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। pic.twitter.com/1Q1wVTxMQL
— Iqra Hasan (@IqraMunawwar_) March 27, 2026
इकरा ने कहा कि शिकायतों पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
सपा सांसद आनंद भदौरिया ने शाहजहांपुर में स्वतंत्रता सेनानी अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल और रोशन सिंह की मूर्तियों को कथित तौर पर तोड़े जाने का विषय उठाया और कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
