जिस युवती ने डॉक्टरी को अपना सपना बनाया, राष्ट्रपति से सम्मान पाने की ख्वाहिश रखी, जो हजारों मरीजों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने का हुनर रखती थी – उसकी ज़िंदगी का अंत इस तरह होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। 29 साल की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कृतिका एम. रेड्डी की मौत को पहले एक सामान्य घटना माना गया, लेकिन जब उसकी बहन ने सवाल उठाया, तो जो राज़ खुला उसने सबको चौंका दिया। अब इस केस को लेकर पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझा रही है, जिसमें सबसे बड़ा आरोपी है – डॉ. कृतिका का खुद का पति, सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी।
मौत को समझा गया ‘नेचुरल’, लेकिन बहन को था शक
ये घटना 24 अप्रैल 2025 की है, जब डॉ. कृतिका अपने कमरे में बेहोश मिलीं और अस्पताल ले जाते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उस समय ऐसा लगा कि शायद कोई बीमारी या हार्ट अटैक जैसी कोई समस्या रही होगी। लेकिन कृतिका की बहन डॉ. निकिता एम. रेड्डी ने इसे सामान्य मौत मानने से इंकार कर दिया। उनकी जिद के बाद पुलिस ने मामला Unnatural Death के तहत दर्ज किया और शव से लिए गए सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजे गए। रिपोर्ट आने में वक्त लगा – करीब छह महीने। लेकिन जब रिपोर्ट आई, तो उसमें जो सामने आया उसने पूरे परिवार को हिला दिया।
ड्रिप में दी गई मौत – प्रोपोफोल ओवरडोज़ से हुआ था कत्ल
FSL रिपोर्ट में सामने आया कि कृतिका को ‘प्रोपोफोल’ (Propofol) नाम की बेहद ताकतवर एनेस्थेटिक दवा की अत्यधिक मात्रा दी गई थी। यह वही दवा है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन थिएटर में किया जाता है और जिसे डॉक्टरों के निर्देश के बिना नहीं दिया जा सकता।पुलिस की जांच में सामने आया कि डॉ. महेंद्र ने ही घर पर कृतिका को IV ड्रिप के जरिए यह दवा दी, ताकि मौत को प्राकृतिक दिखाया जा सके।
रिश्ते में दरार, पैसों की मांग और अफेयर – क्या यही था वजह?
कृतिका के परिवार ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही उनके दामाद महेंद्र का बर्ताव सही नहीं था।
लगातार पैसों की डिमांड करता था ताकि खुद का अस्पताल खोल सके
दूसरी महिलाओं से रिश्ते होने का भी शक था
और कृतिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था
परिवार का कहना है कि पहले ही एक क्लिनिक दोनों के नाम पर खुलवाया गया था, फिर भी महेंद्र की मांगें खत्म नहीं हुईं।
मौत की रात – शांत रहा कातिल पति
निकिता के पति मोहन के अनुसार, घटना की रात (23 अप्रैल) महेंद्र ने खुद कृतिका को ड्रिप लगाई और फिर दूसरे कमरे में जाकर सो गया। अगली सुबह जब कृतिका को होश नहीं आया, तो उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत बताया गया। महेंद्र चाहता था कि बिना पोस्टमॉर्टम के ही शव को गांव ले जाया जाए। लेकिन निकिता ने जोर देकर जांच की मांग की, और यहीं से हत्या की परतें खुलनी शुरू हुईं।
गिरफ्तारी और हत्या का केस
पुलिस ने हाल ही में डॉ. महेंद्र रेड्डी को मणिपाल से गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि महेंद्र का प्लान पहले से तैयार था – वह कृतिका की मौत को एक आम बीमारी से हुई मौत की तरह दिखाना चाहता था, लेकिन निकिता की हिम्मत और संदेह ने साजिश की परतें खोल दीं।
