भारतीय रुपए में गिरावट का दौर जारी है और यह हर रोज ऑल टाइम लो छू रहा है। रुपए की कीमत में आज लगातार छठे सत्र में गिरावट आई। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 18 पैसे टूटकर 96.38 प्रति डॉलर पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बाजार की भावनाएं लगातार कमजोर हो रही हैं।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से निर्यात और खाड़ी देशों से आयात में बाधा आने के कारण रुपए की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.38 पर खुला जो पिछले बंद भाव से 18 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया सोमवार को अब तक के सबसे निचले स्तर 96.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.10 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 109.96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को लगातार तीसरे दिन शुद्ध लिवाल रहे थे और उन्होंने 2,813.69 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
क्यों गिर रहा रुपया?
एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी एंड करेंसी के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत अब भी उच्च स्तर पर बनी हुई है। रुपए के लिए व्यापक रुझान अब भी कमजोर है और बाजार की नजर सरकारी उपायों पर बनी हुई है कि सस्ते तेल और सप्लाई का सप्लाई के लिए वह क्या कर रही है। रुपए को 96.55 के करीब सपोर्ट दिख रहा है जबकि तत्काल रेसिसटेंस 96 से 96.10 के आसपास है।
