ग्यासपुरा इलाके में रात उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार कैंटर काल बनकर सड़क पर उतरा। ईस्टमैन चौक के पास हुए इस रूह कंपा देने वाले हादसे में लापरवाही से दौड़ रहे कैंटर ने न केवल बिजली के हाई वोल्टेज तारों और पोल को तहस-नहस किया, बल्कि वहां से गुजर रहे दो मासूम दोस्तों की जिंदगी को भी अंधेरे में धकेल दिया।
बिजली के भारी-भरकम खंभे सीधे राहगीरों पर गिरे
टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली के भारी-भरकम खंभे सीधे राहगीरों पर गिर पड़े, जिससे एक युवक का पैर कटकर शरीर से अलग हो गया, जबकि दूसरे की टांग बुरी तरह कुचली गई। हादसे की जानकारी देते हुए शिकायतकर्ता अनवर अली ने बताया कि वह 27 अप्रैल की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने जिगरी दोस्त अरुण कुमार को उसके घर छोड़ने के लिए पैदल जा रहा था। दोनों दोस्त हंसी-खुशी ईस्टमैन चौक पार कर ही रहे थे कि तभी उत्तराखंड नंबर के एक कैंटर ने मौत की रफ्तार से आकर उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आरोपी ड्राइवर संजय चंद्रा कैंटर पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और वाहन सीधे बिजली की लाइनों और खंभों में जा घुसा। टक्कर लगते ही खंभे सीधे अनवर और अरुण के ऊपर आ गिरे, जिससे मौके पर ही मंजर बेहद खौफनाक हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अरुण कुमार का एक पैर मलबे और खंभे के भारी दबाव के कारण कट गया, जबकि अनवर अली की बाईं टांग भी बुरी तरह कुचल गई।
आरोपी ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज
मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों लहूलुहान युवकों को मलबे के नीचे से बाहर निकाला। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है, जहां वे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। थाना पुलिस ने आरोपी ड्राइवर संजय चंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे नामजद कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ड्राइवर नशे में था या फिर वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी। इस हादसे ने इलाके के लोगों में दहशत पैदा कर दी है और बिजली विभाग की ओर से भी नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
