मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह संक्रमणों का खतरा भी साथ लाता है। विशेषज्ञों ने अब एक गंभीर ब्रेन इंफेक्शन – न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस (Neurocysticercosis) को लेकर चेतावनी जारी की है, जो अधपका पोर्क खाने या दूषित भोजन-पानी के सेवन से फैलता है। यह संक्रमण Taenia solium नामक टेपवर्म के लार्वा से होता है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है।

क्या है Neurocysticercosis?
यह एक न्यूरोलॉजिकल इन्फेक्शन है, जिसमें टेपवर्म के अंडे शरीर में जाकर आंतों को प्रभावित करते हैं और धीरे-धीरे खून के जरिए दिमाग तक पहुंच जाते हैं। दिमाग में पहुंचने पर ये लार्वा सिस्ट बना लेते हैं, जो धीरे-धीरे गंभीर लक्षणों का कारण बनते हैं।

प्रमुख लक्षण:-
– बार-बार दौरे पड़ना
– भ्रम, चक्कर और उलझन
– लगातार और तेज सिरदर्द
– गंभीर मामलों में दिमागी क्षति या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर
– विशेषज्ञों के अनुसार, यह संक्रमण खासकर बच्चों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों में ज्यादा गंभीर हो सकता है।

मनसून में क्यों बढ़ता है खतरा?
मॉनसून के दौरान गंदगी, जलभराव और साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है। इस मौसम में दूषित पानी और सड़ा-गला खाना टेपवर्म के अंडों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।

समय पर इलाज क्यों जरूरी?
न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, बार-बार दौरे या लगातार सिरदर्द की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज न होने पर यह संक्रमण स्थायी मस्तिष्क क्षति का कारण बन सकता है। मॉनसून के मौसम में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

कैसे होती है जांच?
न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस की पुष्टि के लिए MRI या CT स्कैन किया जाता है। इससे पता चलता है कि दिमाग में मौजूद सिस्ट किस स्टेज में है:

Vesicular Stage: शुरुआती अवस्था, सूजन नहीं

Colloidal Stage: सूजन और जलन का खतरा

Calcified Stage: पुराना और सख्त सिस्ट

बचाव के उपाय:-
– हरी सब्जियों को ठीक से धोकर ही पकाएं
– अधपका पोर्क बिल्कुल न खाएं
– केवल साफ और उबला पानी ही पीएं
– खाना बनाने से पहले और बाद में हाथ धोएं
– मांस हमेशा लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें

By admin

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