तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने फालता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराने के फैसले पर भाजपा नेता अमित मालवीय को कड़ा जवाब दिया है। मालवीय ने तंज कसते हुए कहा था कि ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पूरी तरह फेल हो गया है। इसके जवाब में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए इसे ‘बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह’ की साजिश बताया।
अभिषेक बनर्जी की भाजपा को खुली चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके विरोधी चाहे 10 जन्म भी ले लें, तो भी ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा, ‘पूरी ताकत लगा लीजिए। मैं भारत सरकार को चुनौती देता हूं कि वे फालता आएं और अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार या दिल्ली से किसी बड़े नेता को चुनाव लड़ने के लिए भेजें। अगर हिम्मत है, तो फालता में मुकाबला करके दिखाएं।’
क्या है ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा नेता अमित मालवीय ने चुनाव आयोग के पुनर्मतदान वाले फैसले पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि फालता के सभी 285 बूथों पर दोबारा वोटिंग का आदेश साबित करता है कि डायमंड हार्बर मॉडल धराशायी हो चुका है। बता दें कि फालता विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा के अंतर्गत आता है, जहां से अभिषेक बनर्जी सांसद हैं। अब इस सीट पर 21 मई को दोबारा वोट डाले जाएंगे और 24 मई को नतीजे आएंगे।
टीएमसी पर लगे डराने-धमकाने के आरोप
चुनाव आयोग ने यह फैसला 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान मिली गंभीर शिकायतों के बाद लिया है। दक्षिण 24 परगना के फालता इलाके में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें डराया और धमकाया है। लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया था। इन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर आयोग ने चुनाव में धांधली की बात मानी और दोबारा मतदान का आदेश दिया।
भारी मतदान के बीच भाजपा की शिकायत
इससे पहले जिले के 15 मतदान केंद्रों पर हुए पुनर्मतदान में करीब 90 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जो काफी हैरान करने वाली थी। अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि दूसरे चरण के दौरान मतदाताओं को अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनने से रोका गया। इन्ही आरोपों और जमीनी रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने फालता सीट पर पूरी तरह से फिर से चुनाव कराने का निर्देश जारी किया है।
