राजस्थान के कठूमर विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर नेता और चार बार विधायक रहे बाबूलाल बैरवा का रविवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में अंतिम सांस ली। 73 वर्षीय बैरवा पिछले 20 दिनों से बीमार थे। उनके निधन की खबर मिलते ही अलवर जिले सहित प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
इलाज के दौरान ली अंतिम सांस
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, बाबूलाल बैरवा लंबे समय से उच्च रक्तचाप (BP), शुगर और अस्थमा जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। उन्हें 13 अप्रैल को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार सुबह करीब 3:00 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
चार दशक का राजनीतिक सफर
बाबूलाल बैरवा की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में थी, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता का विश्वास जीता। वे चार बार विधायक चुने गए। वे 1980 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 1985 में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। 2008 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी के रूप में विधायक चुने गए। 2018 में एक बार फिर कांग्रेस के बैनर तले जीत हासिल कर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
क्षेत्र में शोक की लहर
उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता ने उनके निधन को क्षेत्र के लिए एक ‘अपूरणीय क्षति’ बताया है।
