तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राज्य की राजनीति में भारी हलचल शुरू हो गई है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने अपने संभावित विजेताओं को एकजुट रखने के लिए ‘आपातकालीन रणनीति’ तैयार की है। एग्जिट पोल में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के अनुमानों के बीच, विजय ने विधायकों की खरीद-फरोख्त (Horse-trading) की आशंका के चलते सभी उम्मीदवारों को नतीजों के तुरंत बाद एक सुरक्षित रिसॉर्ट में इकट्ठा होने का आदेश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, TVK के सभी विजयी उम्मीदवारों को निर्देश दिए गए हैं कि नतीजे घोषित होते ही वे तुरंत पार्टी के पनयूर स्थित मुख्यालय पहुंचें। इस कदम का मकसद एक कड़े मुकाबले वाले राजनीतिक माहौल में अपने विधायकों को एकजुट रखना है, जहां सरकार बनाने में सीटों की संख्या निर्णायक साबित हो सकती है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि, अंतिम नतीजों के आधार पर, TVK अपने विधायकों को किसी सुरक्षित जगह — जिसमें कोई रिसॉर्ट भी शामिल हो सकता है — पर भेज सकती है, ताकि विरोधी खेमे द्वारा उन्हें तोड़ने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि यह फैसला नतीजों से पहले तैयार की जा रही एक आपातकालीन रणनीति का हिस्सा है।

 

यह एहतियाती कदम स्क्रूटनी (जांच) के चरण के दौरान हुई एक घटना के बाद उठाया गया है। उस दौरान, एडप्पाडी से TVK के एक उम्मीदवार कथित तौर पर कुछ समय के लिए लापता हो गए थे, जिससे पार्टी के भीतर यह चिंता पैदा हो गई थी कि वे विरोधी दबाव की रणनीति का शिकार बन सकते हैं।

 

एग्जिट पोल ने राजनीतिक माहौल को और भी रोमांचक बना दिया है

TVK के भीतर यह बढ़ी हुई सतर्कता एग्जिट पोल के उन अनुमानों के बाद देखने को मिली है, जिनमें यह संकेत दिया गया है कि तमिलनाडु की पारंपरिक दो-दलीय व्यवस्था — जिस पर द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) का वर्चस्व रहा है — में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

 

‘टुडेज़ चाणक्य’ के एग्जिट पोल के अनुसार, TVK लगभग 30 प्रतिशत वोटों के अनुमानित हिस्से के साथ करीब 63 सीटें (±11) जीत सकती है। यह स्थिति उसे DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन के बाद एक निर्णायक ‘तीसरी शक्ति’ के रूप में स्थापित करती है।

 

हालांकि, ‘एक्सिस माई इंडिया’ ने TVK के लिए और भी मज़बूत प्रदर्शन का अनुमान लगाया है। उनके अनुमान के मुताबिक, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में TVK 98 से 120 सीटें जीत सकती है। ये आंकड़े उसे बहुमत के जादुई आंकड़े (117 सीटें) के काफी करीब पहुंचा सकते हैं और संभवतः उसे सबसे बड़ी एकल पार्टी बना सकते हैं।

 

युवाओं का समर्थन और व्यापक सामाजिक आधार

दोनों ही एग्जिट पोल के अनुमान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि TVK को लोगों का ज़बरदस्त समर्थन मिला है। यह समर्थन विशेष रूप से युवा मतदाताओं, शहरी निर्वाचन क्षेत्रों और पिछड़े वर्गों, अत्यंत पिछड़े वर्गों तथा अनुसूचित जातियों के लोगों के बीच देखने को मिला है। पार्टी का “बदलाव” का नारा पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं और बेरोज़गार युवाओं को काफी पसंद आया है। विजय की बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता नेतृत्व की पसंद से जुड़े सर्वे में भी झलकती है, जहाँ वे मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के काफी करीब नज़र आ रहे हैं।

 

तीसरी ताकत या किंगमेकर?

हालाँकि अनुमानों का पैमाना अलग-अलग है, लेकिन वे सभी एक ही नतीजे पर सहमत हैं: TVK ने तमिलनाडु के चुनावी परिदृश्य को बदल दिया है। अगर कमतर अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह पार्टी एक अहम सत्ता केंद्र के तौर पर उभर सकती है। अगर ज़्यादा वाले अनुमान सच होते हैं, तो यह सरकार बनाने की दौड़ में भी शामिल हो सकती है।

 

इस पृष्ठभूमि में, TVK का अपने विधायकों को एकजुट करने का कदम यह संकेत देता है कि आगे एक बड़ी और अहम लड़ाई होने वाली है, जिसमें नतीजों के बाद के राजनीतिक समीकरणों में हर एक सीट की अहमियत होगी।

 

तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में यह एक बड़ा मोड़ हो सकता है। यदि एग्जिट पोल नतीजों में बदलते हैं, तो द्रविड़ राजनीति के दशकों पुराने वर्चस्व को एक नई और युवा चुनौती मिलेगी। फिलहाल, सबकी नज़रें मतगणना और उसके बाद होने वाली संभावित ‘घेराबंदी’ पर टिकी हैं।

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