चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन बुधवार को जम्मू शहर के प्रसिद्ध बावे वाली माता मंदिर (बाहु किला मंदिर) में भक्ति और आस्था का सुंदर संगम देखने को मिला। सुबह के समय मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने मां कालरात्रि के दर्शन कर जयकारे लगाए। नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है। मां कालरात्रि अंधकार और भय का नाश करने वाली तथा भक्तों को निर्भयता प्रदान करने वाली मानी जाती हैं।
बाहु किला स्थित बावे वाली माता मंदिर जम्मू का प्रमुख शक्तिपीठ है, जहां चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह-सुबह मंदिर परिसर में मां की विशेष सजावट की गई थी और भक्त दूर-दूर से पहुंचकर दर्शन एवं आरती में शामिल हुए। सभी भक्तों ने एक स्वर में “जय माता दी” और “जय मां काली बावे वाली जी” के जयकारे लगाए। मंदिर में शांत वातावरण और तवी नदी के किनारे की प्राकृतिक सुंदरता ने भक्तिमय माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। भक्तों ने मां से पूरे परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
