ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा संबोधन ने वैश्विक बाजारों में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका, ईरान पर अपना शिकंजा और कसने वाला है। उनके इस बयान के बाद कि अमेरिका ईरान पर बहुत कड़ा प्रहार जारी रखेगा, कच्चा तेल देखते ही देखते 4 फीसदी से ज्यादा महंगा हो गया। हालांकि ट्रंप ने यह भी भरोसा दिलाया कि सैन्य अभियान जल्द ही अपने लक्ष्य को पा लेगा और युद्ध खत्म होने की कगार पर है, लेकिन निवेशकों के मन से डर कम नहीं हुआ।

ऊर्जा संकट पर सस्पेंस बरकरार

भले ही ट्रंप ने युद्ध के जल्द खात्मे की बात कही, लेकिन दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर उन्होंने चुप्पी साधे रखी। ट्रंप ने पहले ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर यह समुद्री रास्ता नहीं खोला गया तो उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा, मगर ताजा भाषण में इस पर कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखी। इस अनिश्चितता ने ईंधन की सप्लाई रुकने का खतरा बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड उछलकर 106 डॉलर और अमेरिकी क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

शेयर बाजार में कोहराम, एशियाई देशों को लगा झटका

ट्रंप के भाषण का असर गुरुवार सुबह एशियाई शेयर बाजारों पर साफ दिखा। निवेशकों में घबराहट इस कदर थी कि जापान का निक्केई करीब 1.4% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4% तक टूट गया। हॉन्गकॉन्ग के बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फ्यूचर्स में भी गिरावट का दौर रहा, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि मंदी का साया फिलहाल टलने वाला नहीं है।

सोने की चमक पड़ी फीकी

हैरानी की बात यह रही कि जहां एक तरफ तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं सोने के भाव में 2% की गिरावट देखी गई और यह 4,718 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले बुधवार को बाजार में थोड़ी रौनक लौटी थी जब ट्रंप ने संकेत दिया था कि दो-तीन हफ्तों में जंग खत्म हो सकती है, जिसके बाद अमेरिकी शेयर बाजार (S&P 500 और नैस्डैक) बढ़त के साथ बंद हुए थे। लेकिन ताजा बयानों ने एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

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