आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना समर्थन देते हुए कहा कि उन्होंने फोन पर उनसे बात की और पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। X पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि अभी ममता दीदी से फोन पर बात हुई। मैंने उन्हें पूरी एकजुटता और समर्थन दिया। वह सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक लड़ रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक है। मोदी जी हारेंगे, चाहे उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग समेत सभी संस्थानों का दुरुपयोग किया हो।
केजरीवाल की ये टिप्पणियां पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आई हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस भाजपा के खिलाफ कड़ी टक्कर दे रही है। उनकी ये टिप्पणी भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर में प्रस्तावित रैली की अनुमति रद्द करने के एक दिन बाद आई है, जिससे तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई है। यह फैसला 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से कुछ ही दिन पहले आया है, जिसमें भवानीपुर भी शामिल है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्हें अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में रैली करने की अनुमति नहीं दी गई। बनर्जी ने भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग मुझे मेरे ही निर्वाचन क्षेत्र में अनुमति देने से कैसे इनकार कर सकता है? वहां कोई और रैली निर्धारित नहीं है। उन्होंने आगे दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों के लिए तुरंत अनुमति दे दी गई, जबकि उनकी अनुमति अस्वीकार कर दी गई।
उन्होंने कहा कि आप प्रधानमंत्री की रैली को छह घंटे के भीतर अनुमति दे देते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री होने के नाते मेरी रैली को अनुमति नहीं दी गई। बनर्जी ने आगे कहा कि अनुमति न मिलने के बावजूद वह उस क्षेत्र का दौरा करेंगी। उन्होंने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कॉलिन स्ट्रीट में अपने नियोजित दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मैं वहां जाकर बैठूंगी और चाय पीऊंगी। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में होगा। मतगणना 4 मई को होनी है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुसार, पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटें शामिल हैं।
