सनातन धर्म में ज्येष्ठ अमावस्या को बहुत खास माना जाता है। हर माह में आने वाली अमावस्या को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। ऐसे ही ज्येष्ठ माह की अमावस्या को ज्येष्ठ अमावस्या कहा जाता है। इस बार ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती, वट सावित्री और शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इस दिन गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करने का बहुत महत्व है। माना जाता है कि ऐसा करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती और जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं। इस दिन किए गए दान और धार्मिक कार्यों से भाग्य भी मजबूत बनता है। तो आइए जानते हैं ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में-
Jyeshtha Amavasya 2026 Shubh muhurat ज्येष्ठ अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 17 मई को रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदयातिथि के मुताबिक, 16 मई 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या मनाई जाएगी।
Significance of Jyeshtha Amavasya ज्येष्ठ अमावस्या महत्व
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन किसीृ पवित्र नदी में स्नान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर होती है। इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को दिया गया दान अत्यंत प्रभावशाली और पुण्य फल देने वाला होता है। साथ ही पितृ और शनि दोष कम होते हैं और हर कार्य में सफलता मिलती है।
