उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग पालियों में धर्म से संबंधित गतिविधियां की जानी चाहिए। आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार सड़क जाम करके नमाज या किसी अन्य धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सड़कें आने-जाने के लिए होती हैं, तमाशा खड़ा करने के लिए नहीं। किसी को सड़क जाम करने का अधिकार किसने दिया? लोग अपने निर्धारित धार्मिक स्थलों पर जाकर प्रार्थना करें। मुख्यमंत्री ने ईद-उल-अजहा से कुछ दिन पहले यह टिप्पणी की है, जो 28 मई को मनाई जाएगी।
‘नियम मानने होंगे, जगह कम है तो जनसंख्या पर नियंत्रण रखें’
आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय से पालियों में नमाज अदा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर आपके घरों में सभी लोगों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो आपको अपनी संख्या (जनसंख्या) पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यदि आप इस व्यवस्था में रहना चाहते हैं, तो इसके नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। कानून का राज चलेगा। अगर नमाज पढ़ना जरूरी है तो पालियों में पढ़िए। हम आपको प्रार्थना करने से नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़कों पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।
संवाद पहली प्राथमिकता, वरना टकराव के परिणाम भुगतने की चेतावनी
आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर इस तरह का व्यवधान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सड़कों पर अराजकता फैलने नहीं देंगे। यदि आप शांतिपूर्वक मानते हैं तो ठीक है। अगर नहीं मानेंगे तो हमें दूसरे कदम उठाने पड़ेंगे। हमारी प्राथमिकता संवाद करना है। यदि आप हमारी बात सुनते हैं तो बहुत अच्छा। अगर नहीं, तो टकराव के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए। उन्होंने कहा कि बरेली में कुछ लोगों ने हमारी सहनशीलता की परीक्षा लेने की कोशिश की थी और उन्होंने हमारी सहनशक्ति की सीमा भी देख ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शासन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव किए बिना काम किया है। उन्होंने कहा कि हमने कहा है कि राज्य की पूरी आबादी, हर एक निवासी, हमारे परिवार का हिस्सा है। हमें समग्र विकास के उद्देश्य से काम करना है।
‘चुनाव आते ही चढ़ा भाजपा पर धार्मिक रंग’- सपा का पलटवार
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं और जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा का नजरिया धार्मिक रंग में रंग जाता है। चांद ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाने के लिए हैं, जिनमें शिक्षक अभ्यर्थियों को नौकरी न मिलना, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं तथा किसानों की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि समाजवादी पार्टी तैयार है। पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) भाजपा और उसकी विभाजनकारी एवं नफरत की राजनीति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। समाजवादी पार्टी या कोई अन्य विपक्षी दल भाजपा की नकारात्मक राजनीति को हावी नहीं होने देगा।
