श्रमदान कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा
समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने रविवार को बताया कि श्रमदान कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को कक्षाओं, छात्रावासों और गलियारों की सफाई की जाएगी। साथ ही टूटी हुई कुर्सियों, मेजों या अन्य फर्नीचर की मरम्मत का कार्य भी होगा। पूरे परिसर को सुव्यवस्थित करने के साथ पानी की टंकियों और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कचरा निस्तारण पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक उपकरण जैसे झाड़ू, फावड़े, बाल्टी, तसला और कूड़ेदान आदि की व्यवस्था पहले से की गई है ताकि कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
बागवानी की दिशा में पहल
बागवानी पर विशेष ध्यान देते हुए पेड़-पौधों की निराई-गुड़ाई और नए पौधों के रोपण की योजना भी बनाई गई है। इसके साथ ही सूखे पत्तों और टहनियों को हटाकर खाद बनाने का कार्य भी किया जा सकता है।
सदनवार जिम्मेदारी होगी तय
विद्यालय परिसरों को अलग-अलग सदनों में विभाजित कर प्रत्येक सदन को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे विद्यार्थी न केवल प्रतिस्पर्धा की भावना से प्रेरित होंगे। बल्कि अपने क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में भी योगदान देंगे। श्रमदान कार्य के पहले और बाद की तस्वीरें निर्धारित प्रारूप में संलग्न क्यूआर कोड के माध्यम से अपलोड की जाएंगी।
