किंमडार गांव में दो-तीन दिन की बारिश ने कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीण यशमोहन रावत और त्रेपन रावत सहित कई लोग बेघर होने की स्थिति में हैं। वहीं डिंगाडी गांव में भी वीरपाल सिंह और जयवीर सिंह के मकानों में दरारें आने से खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि आठों गांवों में न तो नेटवर्क की सुविधा है और न ही स्वास्थ्य सेवाओं की कोई व्यवस्था। बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब बिजली का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
वहीं भटवाड़ी ब्लॉक के लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त बन्द्राणी गांव में भू-धंसाव से आवासीय भवन खतरे की जद में है। ग्राम बन्द्राणी में रतन सिंह रावत , नवीन रावत, प्रवीन रावत व तारा सिंह रावत के आवासीय मकान के आगे भारी हूं धंसाव होने से घरों में दरारें आनी शुरू हो गई है जिससे पुरा परिवार दहशत में हैं । जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा घटना की सूचना मिलते ही कार्रवाई की जा रही है।
