डॉ तिवारी ने ट्रिपल आईटी प्रयागराज की अवधारणात्मक, योजनाबद्ध और विकसित संरचना निर्मित की और स्थापना से 15 वर्षों तक निदेशक के रूप में कार्य किया। वे भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली के अध्यक्ष रहे। रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति रहते हुए डॉ तिवारी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नए मानक स्थापित किये। मुक्त विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में हमेशा डॉ तिवारी का मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा।

डॉ तिवारी की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की पूर्व उपाचार्य डॉ इति तिवारी के प्रस्ताव को स्वीकार कर विश्वविद्यालय कार्य परिषद ने डॉ एम डी तिवारी की स्मृति में दानदाता स्वर्ण पदक दिए जाने का निर्णय लिया। पहली बार प्रारम्भ हुए डॉ मुरलीधर तिवारी स्मृति स्वर्ण पदक को कल 20 वें दीक्षांत समारोह में विज्ञान विद्या शाखा में सर्वश्रेष्ठ स्नातक उमा यादव को प्रदान किया जाएगा।

मुक्त विवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि इसके साथ ही 20वें दीक्षांत समारोह में एक अन्य दानदाता स्वर्ण पदक मुक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी इंदू भूषण पांडेय की पत्नी स्वर्गीय चारुल पांडेय की स्मृति में प्रारम्भ किया गया है। स्वर्गीय चारुल पांडेय स्मृति स्वर्ण पदक स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा में सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर विद्यार्थी नेहा कनौजिया को प्रदान किया जाएगा। स्व.चारुल पांडेय सरकारी सेवा में रहते हुए भी हमेशा सामाजिक कार्यों में गहरी रुचि लेती थीं।

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