गोरखपुर, 11 फ़रवरी । शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को आकार देने की सतत प्रक्रिया है। इसी प्रतिबद्धता को साकार करते हुए गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय, गोरखपुर 12, 13 एवं 14 फरवरी को “युवा महोत्सव–2026” का आयोजन करने जा रहा है।
“युवा शक्ति का उत्सव – प्रतिभा का महापर्व” थीम पर आधारित इस त्रिदिवसीय आयोजन में प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से शाम 3 बजे तक गतिविधियां हाेंगी।
–प्रथम दिवस 12 फरवरी काे सृजनशीलता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का आरम्भ
महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी । रंगोली प्रतियोगिता भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं की सौंदर्य चेतना को रंगों की जीवंत भाषा में अभिव्यक्त करेगी, वहीं मेहंदी प्रतियोगिता पारम्परिक कला, धैर्य और सूक्ष्म रचनात्मकता का मनोहारी प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी। यह दिवस सृजन और परम्परा के सुंदर संगम का प्रतीक बनेगा।
–द्वितीय दिवस 13 फरवरी काे ज्ञान, तर्क और वैचारिक प्रखरता का उत्सव
दूसरे दिन वाद-विवाद प्रतियोगिता छात्राओं की तार्किक क्षमता, वैचारिक स्पष्टता और प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल को उजागर करेगी। क्विज प्रतियोगिता बौद्धिक सजगता, सामान्य ज्ञान और तीव्र निर्णय क्षमता की परीक्षा लेते हुए प्रतिस्पर्धा का प्रेरक वातावरण निर्मित करेगी। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राएं समकालीन सामाजिक विषयों और जनचेतना से जुड़े संदेशों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करेंगी। यह दिवस विचारों की ऊर्जा और ज्ञान की गरिमा का परिचायक होगा।
–तृतीय दिवस 14 फरवरी काे कौशल, कला और उत्साहपूर्ण ऊर्जा का समापन
समापन दिवस पर हस्तकला प्रतियोगिता नवाचार, कल्पनाशीलता और कलात्मक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगी। गायन प्रतियोगिता सुर, लय और भावनाओं के सामंजस्य से वातावरण को मधुरता से भर देगी। जबकि खेल-कूद प्रतियोगिताएं अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और विजयी संकल्प का प्रेरक दृश्य प्रस्तुत करेंगी। यह दिवस उपलब्धियों, उत्साह और अविस्मरणीय अनुभवों के साथ महोत्सव को पूर्णता प्रदान करेगा।
–पंजीकरण सम्बंधी सूचना
इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने की इच्छुक छात्राएं 79857 70278 अथवा 88401 45425 पर सम्पर्क कर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करा सकती हैं।
महाविद्यालय की संरक्षिका रीना त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा को अनुभव से जोड़ते हैं और छात्राओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनकी प्रतिभा ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। महाविद्यालय के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र ने कहा कि संस्थान सदैव शिक्षा, संस्कार और आधुनिक दृष्टिकोण के संतुलित समन्वय को बढ़ावा देता रहा है। “युवा महोत्सव” उसी दूरदर्शी विचार का विस्तार है। प्राचार्या डॉ. गौरी पाण्डेय के अनुसार यह महोत्सव शिक्षा और संस्कृति का सजीव संगम बनकर छात्राओं के सर्वांगीण विकास को नई गति प्रदान करेगा।
