घटना 11 अगस्त 2016 की है, जब वादी द्वारा थाना पड़री में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि नामजद अभियुक्त ने घर में घुसकर उसकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट की। मामले की विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धारा 376 भादवि की बढ़ोत्तरी की गई और अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी एसपीपी सनातन कुमार, विवेचक उपनिरीक्षक शैलेश सिंह, कोर्ट मुहर्रिर आरक्षी पंकज गौड़, महिला आरक्षी गुंजन यादव तथा पैरोकार आरक्षी अनिल कुमार विश्वकर्मा द्वारा गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर प्रभावी पैरवी की गई।
बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चन्द्रगुप्त यादव की अदालत ने अभियुक्त किशोरी चमार पुत्र ललई चमार निवासी मोहनपुर को दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दो माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
