चंपावत, 18 मई । पाटी ब्लॉक के दूरस्थ गांव सिरतोली स्थित प्राचीन श्री ब्रह्मा देवता मंदिर परिसर सोमवार को पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और भव्य कलश यात्रा के साथ आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारम्भ हुआ। पुरुषोत्तम मास महात्म्य पर आधारित इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूरदराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
खेतिखान क्षेत्र से निकली कलश यात्रा में महिलाओं, युवाओं और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, खेतीखान के विद्यार्थियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष आकर्षण दिया। पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों और वैदिक मंत्रों की गूंज से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
कथा व्यास आचार्य प्रकाश पाण्डेय ने संगीतमय शैली में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारम्भ करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और भागवत श्रवण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहां भगवत कथा होती है, वह स्थान स्वयं तीर्थ के समान पवित्र हो जाता है। कथा के दौरान उन्होंने राजा परीक्षित और श्रीमद्भागवत के प्रसंगों के माध्यम से जीवन, मृत्यु और मोक्ष का गूढ़ संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि कलियुग में हरि भजन, सत्संग और भागवत कथा ही मनुष्य को भय, मोह और दुखों से मुक्त कर ईश्वर के मार्ग की ओर ले जाती है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा मंदिर परिसर “राधे-श्याम” व “हरि बोल” के जयघोष से गूंजता रहा।
इस धार्मिक आयोजन में डॉ. एल.डी. सुरेंद्र भट्ट और उनकी धर्मपत्नी डॉ. अंजना भट्ट मुख्य यजमान की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आयोजन को क्षेत्र की सुख-समृद्धि, विश्व कल्याण और आध्यात्मिक जागरण के लिए समर्पित बताया। आयोजन के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की कामना के साथ वरुण देवता का विशेष वैदिक पूजन भी किया गया।
