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पौड़ी गढ़वाल, 20 फरवरी ।

जनपद पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, पर्यटन व्यवसायियों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों एवं अन्य हितधारकों ने सहभागिता करते हुए आगामी बजट के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करना है, जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का रोडमैप है, जिसमें प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने संवाद में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग—पर्यटन व्यवसायी, व्यापारी, महिला समूह, किसान एवं उद्यमी—की अपेक्षाएं बजट में समुचित रूप से परिलक्षित हों, यह सरकार की प्राथमिकता है। संवाद के दौरान प्राप्त व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझाव राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट निर्माण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाने का संकल्प लिया गया है। सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेशभर में संवाद आयोजित कर सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराया।

विभिन्न क्षेत्रों से मिले महत्वपूर्ण सुझाव

संवाद के दौरान ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने, बंजर भूमि के उपयोग तथा ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव प्राप्त हुए।

शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी अवधारणा, पार्किंग एवं सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया गया।

कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन, उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन, जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज एवं क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने की मांग की गई।

उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, मशीनरी पर विशेष छूट, स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन तथा आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने के सुझाव सामने आए।

महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, ब्याज-मुक्त ऋण, स्थानीय सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देने तथा जैविक खाद उत्पादन और मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की बात रखी गई।

पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण, हेली सेवा विस्तार, वैकल्पिक मार्ग निर्माण, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, संस्कृत ग्रामों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने तथा नेचर व एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई गई।

जनसहभागिता से बनेगा संतुलित विकास का बजट

स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता के आधार पर तैयार होने वाला बजट ही प्रदेश के समग्र विकास की नींव बनेगा।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि बजट पूर्व संवाद का उद्देश्य आगामी बजट को जनभावनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप दिशा देना है, ताकि संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करते हुए अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम में जिला पंचायत पौड़ी की अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम श्रीनगर आरती भंडारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

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