मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्तूबर को शहर स्थित पैग़ाम-ए-इंसानियत के कैंप कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, गणमान्य नागरिक तथा संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही, उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने तथा सत्य, अहिंसा, शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि गांधी और शास्त्री ने न केवल भारत की आज़ादी और राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि अपने सादगीपूर्ण जीवन से देशवासियों को सच्ची सेवा और त्याग का संदेश दिया।पैग़ाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही ने कहा कि आज के दौर में गांधी और शास्त्री के आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे इंसानियत, भाईचारे और आपसी सौहार्द को मजबूत करें।सैक्यूलर फ्रंट के संयोजक गौहर सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों महान नेताओं की जयंती हमें सादगी, ईमानदारी और सत्य के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर मास्टर इसरार, महबूब आलम एडवोकेट, दिलशाद पहलवान, अमीर आज़म अंसारी, दिलशाद अंसारी, असद सिद्दीकी, शहज़ाद राही, ज़िया-उर-रहमान, अकरम खान सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
