इस अवसर पर पदाधिकारी गण,पार्षदगण व कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर उनके अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को नमन किया।

23 साल की उम्र में शहीद हो गए थे ले. गौतम गुरुंग

रिटायर्ड ब्रिग‍ेडिर पीएस गुरुंग मूलतः नेपाल के रहने वाले हैं और उनके परिवार ने भारतीय सेना के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे अब उत्‍तराखंड के देहरादून में रहते हैं। उनका जन्‍म 23 अगस्‍त 1973 को देहरादून में हुआ था। वे 6 मार्च 1997 को उन्‍होंने पिता की बटालियन 3/4 गोरखा राइफल्‍स (चिन्डिटस) में कमीशन प्राप्‍त किया और प्रथम नियुक्ति जम्‍मू-कश्‍मीर सीमा पर हुई।

5 अगस्‍त 1999 को कारगिल युद्ध के समय जम्‍मू कश्‍मीर के तंगधार में ले. गौतम गुरुंग 23 साल की उम्र में शहीद हो गए थे। 15 अगस्‍त 1999 को उन्‍हें महामहिम राष्‍ट्रपति के. आर. नारायणन द्वारा मरणोपरान्‍त ‘सेना मेडल’ से सम्‍मानित किया गया। उसके बाद से हर साल उनके शहादत दिवस पर यहां शहीद ले. गौतम गुरुंग चौक पर उन्‍हें याद किया जाता है।

श्रद्धांजलि देने के क्रम में मुख्य रूप से डाॅ सत्येंद्र सिन्हा, राहुल श्रीवास्तव, डाॅ बच्चा पाण्डेय, बृजकिशोर राय, उपेंद्र सिंह, रणंजय सिंह, राजा यादव, मनोज निषाद, सुशीता पासवान, शिवेंद्र गौड़, इंजीनियर बृजमोहन, राजेश पासवान, वीरेंद्र पासवान, वारंट आफिसर दयानंद साहनी,, राजेन्द्र पासवान सहित बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक व नागरिकों ने अश्रूपूर्ण श्रधांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।

By editor

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