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इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुए विजय कुमार बन्धु ने कहा कि जब तक देश भर के एक करोड़ कर्मचारियों एवं पैरामिलिट्री जवानों की पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती, तब तक हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 97 प्रतिशत कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को नकार दिया है और फॉर्म तक नहीं भरा। इसके बावजूद सरकार बार-बार तिथि बढ़़ा रही है और संशोधन कर रही है। जबकि कर्मचारी केवल हूबहू पुरानी पेंशन चाहता है। उन्होंने निजीकरण को देश के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि 25 नवम्बर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एनएमओपीएस के बैनरतले एनपीएस, यूपीएस, निजीकरण और आरटीई लागू होने से पूर्व टेट अनिवार्यता के विरोध में विशाल प्रदर्शन किया गया, जिसमें लाखों शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए।

यह जानकारी कर्मचारी नेता एवं जिला मीडिया प्रभारी अटेवा प्रयागराज रविशंकर मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश संगठन मंत्री अशोक कन्नौजिया, राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी एवं प्रदेश आईटी सेल प्रभारी सैय्यद दानिश इमरान तथा संजय पटेल ने कहा कि आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट अनिवार्यता समाप्त की जाए, जिससे लाखों शिक्षकों के साथ न्याय हो सके। उन्होंने कहा कि खेल के बीच खेल के नियम नहीं बदले जाते।

जिला संयोजक जीतू भाई एवं जिला महामंत्री आर.के. यादव ने कहा कि जब सांसद और विधायक चार-चार पेंशन ले सकते हैं, तो कर्मचारियों को एक भी पेंशन से वंचित रखना घोर अन्याय है। सभा में मान सिंह, विधायक ने भी उपस्थित होकर स्वर्गीय डॉ. रामाशीष सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर अमर यादव, राजीव यादव, पुष्पराज सिंह, राकेश सिंह, कमलेश सिंह, मिथलेश मौर्य, सुरेन्द्र सिंह, सुभाष कुमार, सुरेश यादव, राजू, लक्ष्मी नारायण, नीलम सिंह, अंजना सिंह, अंजली अत्री, प्रीती ब्रिज, पुष्पलता, अंजुला दास, प्रीती सेठ सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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