मुज़फ्फरनगर। खतौली पुलिस और मिशन शक्ति टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोबाइल टावर से चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर चोर घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का भारी मात्रा में सामान और एक बिना नंबर की आई-20 कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी मेरठ जिले के रहने वाले हैं, जिनका लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।

16 अगस्त को ग्राम भैंसी स्थित रिलायंस कंपनी के टावर से बैटरी और आरआरयू चोरी की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्यवाही की गयी है। आज दोपहर खतौली पुलिस गंगनहर-रायपुर नंगली मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस की यह मुठभेड़ हुई है। पुलिस आज जब चेकिंग कर रही थी तभी एक आई-20 कार बिना नंबर प्लेट दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने लगे।पुलिस ने पीछा किया तो गाड़ी कच्चे रास्ते में फंस गई। बदमाश कार छोड़कर गन्ने के खेतों में भागे और लगातार फायरिंग करने लगे। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें तीनों बदमाश घायल हो गए।

घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया और मौके से भारी मात्रा में चोरी का सामान व अवैध हथियार भी बरामद किए गए।पुलिस ने इन बदमाशों के पास से 2 सैल, 4 मॉड्यूल, 1 लिथियम बैटरी, 1 आरआरयू, 34 पीवीसी प्लेट, 6 मदर बोर्ड कवर, एक आई-20 कार बिना नंबर प्लेट और तीन तमंचे समेत छह जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान हाल ही में मोबाइल टावर से चोरी किया गया था।पुलिस मुठभेड़ में नावेद उर्फ जावेद पुत्र इलियास उर्फ रियाज, निवासी गली नं. 25 लक्कीपुरा, थाना लिसाड़ीगेट, मेरठ (वर्तमान पता—सलेमपुर, जाफराबाद, दिल्ली), नाजिम उर्फ डॉन पुत्र नसरुद्दीन, निवासी दत्तल जिटौली, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ और ताजिम उर्फ इमरान पुत्र सलीम, निवासी शोभापुर, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ के रूप में हुई है।इन तीनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास भी पुलिस जांच में सामने आया है। इनके खिलाफ मेरठ, बागपत, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़ और मुज़फ्फरनगर जिलों में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्य आरोपी नावेद उर्फ जावेद के खिलाफ 21 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि नाजिम और ताजिम के खिलाफ भी 10 से अधिक गंभीर अपराधों के मुकदमे हैं। तीनों कई मामलों में वांछित चल रहे थे।पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे: पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे एक सुसंगठित गिरोह चलाते हैं, जो मुज़फ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, शामली और बागपत जिलों में मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी करते थे। चोरी किया गया सामान वे दिल्ली के सीलमपुर मार्केट में बेचते थे। घटना के दिन भी ये लोग चोरी का सामान बेचने दिल्ली जा रहे थे, तभी पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दिनेश चंद्र, सर्विलांस प्रभारी राजीव चौधरी, उपनिरीक्षक नंदकिशोर शर्मा, धर्मेंद्र श्यौराण, महिला उपनिरीक्षक खुशबू, हेड कॉन्स्टेबल मुनीश कुमार, शीतल देव चौधरी, सतेन्द्र, अरुण कुमार, विकास चौधरी, कालूराम यादव, मनीष त्यागी, शौबीर, विवेक सिरोही, संदीप नागर, बहादुर सिंह और नितिन आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे।पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है और इनके दिल्ली से जुड़े तारों की भी जांच की जा रही है। वांछित अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
