इस अवसर पर पहलवान अमित कुमार की ईनामी कुश्ती की राशि 20 हजार रुपये तक बढ़ाई गई। लेकिन कोई जोड़ सामने न आने पर उन्हें नगद राशि व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि महिला पहलवानों ने भी अखाड़े में दमखम दिखाया। दिल्ली की रंजन और गाजीपुर की ज्योति के बीच हुई कुश्ती कड़ी टक्कर के बाद बराबरी पर छूटी।
दंगल की बड़ी भिड़ंत में गाजीपुर के अंकित पहलवान ने बिहार के कर्मनाशा के शमशेर को पछाड़कर जीत दर्ज की। वहीं, पांच हजार रुपये की इनामी कुश्ती में गाजीपुर के रंजीत और डीएलडब्लू वाराणसी के राजेश के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें राजेश पहलवान ने विजय हासिल की।
अन्य कुश्तियों में रामबली (सेमरी) बनाम प्रियांशु (सड़सा), पवन (हाजीपुर) बनाम अमन (सड़सा), दिलीप (हाजीपुर) बनाम अनीस (सैयदराजा), राजू (सड़सा) बनाम रोशन (भगौतीदेई) की भिड़ंत बराबरी पर रही। निर्णायक की भूमिका जय सिंह (पूर्व प्रधान) एवं दशरथ सिंह पहलवान ने निभाई। मंच संचालन रामबली सिंह व फणेंद्र कुमार ने किया।
कार्यक्रम का संयोजन जय सिंह (पूर्व प्रधान), रविंद्र प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान नकहरा अभिषेक कुमार, बबुआ सिंह, जोखू सिंह (सेवानिवृत्त अध्यापक), कमला शंकर सिंह, महेंद्र कुमार, नीरज सिंह, दशरथ सिंह पहलवान व रमेश सिंह स्वामीजी के सहयोग से हुआ। दंगल के सुचारू संचालन में चंद्र प्रकाश सिंह, संजय सिंह, बमबम, मोहित सहित गांव के कई युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
