एलएलआर (हैलेट) अस्पताल में इलाज के दौरान परमट निवासी कुलदीप शुक्ला (40) की मौत के मामले मे हैलेट प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपनी सफाई पेश की है। प्रेस वार्ता कर रही उप प्रधानाचार्य डॉक्टर ऋचा गिरी ने बताया कि मरीज अत्यन्त गम्भीर स्थिति में मेडिसिन विभाग की इमरजेन्सी वार्ड में 10 अगस्त को रात्रि भर्ती हुआ था। जॉच करने में पाया गया कि मरीज लगभग 15 वर्षों से लीवर की समस्या से जूझ रहा था। जो अत्यधिक शराब पीने के कारण हुयी थी। मरीज जब हैलट के इमरजेन्सी में पहुँचा उस समय उसका लीवर पूर्णतः फेल हो चुका था। जिसके कारण से उसके शरीर पर सूजन भी आ गयी थी और पेट में पानी भी भर गया था।

आगे उन्होंने बताया कि मरीज में लीवर फेल्योर का असर दिमाग पर भी दिखने लगा था। जिसके कारण से वह अर्धबेहोसी अवस्था में था और अपने हाथ पैर इधर उधर पटक रहा था। जिसका उपचार इमरजेन्सी में किया गया और मरीज के स्वास्थ्य को स्थिर करते हुए वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। जहाँ उसका उपचार सुचारू रूप से चलता रहा। इसी बीच मरीज की अचानक स्थिति खराब हो गयी। जिसका कारण हार्ट अटैक आया मरीज का रक्तचाप गिरा और मरीज की मृत्यु हो गयी।

आगे उन्होंने कहा कि मरीज को वीगो न लगाये जाने के कारण उसकी मौत हो गयी है, यह पूर्णतः असत्य है। जैसा कि वायरल किये जा रहे वीडियो में भी दिखाया जा रहा है कि मरीज को वीगो लगा हुआ है और दवायें एवं आईवी फ्ल्यूड भी उस वीगो के माध्यम से दिया जा रहा है।

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