संवाद में उत्तराखंड जैसे छोटे प्रदेश में यूकेएसएसएससी की जरूरत पर भी सवाल उठाये गये।

सोमवार को जिला सभागार नई टिहरी में एसपी देहात देहरादून जया बलूनी की नेतृत्व वाली एसआईटी ने संवाद में सभी बातों को सुना। इस दौरान एसपी देहात बलूनी भी मौके पर मौजूद रही। संवाद में टिहरी निवासी विकास विजल्वाण ने अपनी लिखित सुझाव टीम को देते हुए बताया कि उन्होंने भी यह परीक्षा दी, लेकिन जब पेपर देकर बाहर आये और उन्हें पता चला की पेपर लीक हो गया तो खासे आहत हुये।

उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की खासी जरूरत है। इसके लिए यूकेएसएससी की खामियों को दूर कर इसमें बाधा बनने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर त्वरित कार्यवाही हो। कहा कि भरोसा इस लिए डिगता है। जब परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद तकनीकी खामी बताकर रिजल्ट दोबारा जारी किया जाता है। अभ्यर्थियों को उनके नंबर खुले रूप से नहीं दिखाये जाते हैं।

उत्तर कुंजियां भी दो-दो बार जारी की जाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं का कोई शेड्यूल तय नहीं हैं। परीक्षाओं को आगे-पीछे मनमाने तरीके से किया जाता है। उन्होंने एसआईटी से अपील की कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की जरूरत है। लोक सेवा आयोग के एक पूर्व अध्यक्ष के बयान के आधार पर इन्होंने उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में यूकेएसएसएससी की जरूरत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी परीक्षा आयोग संपन्न करवा सकता है।

पीजी कालेज के छात्र दीपक नेगी ने एसआईटी को बताया कि तकनीकी खामियों के कारण पेपर लीक हुआ है। जिसके लिए चाहिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी को ओर अधिक सुदृढ़ किया जाय। जैमर व्यवस्था व कैमरों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आयोग से कहा कि आखिर तकनीकी का बेहतर उपयोग करने में दिक्कत है। एसपी जया बलूनी से कहा कि सुझावों को जांच में शामिल कर रिपोर्ट तैयार कर शासन केा दी जायेगी। एसआईटी टीम के सीओ अंकित कंडारी, एसआई राजेश ध्यानी मौजूद रहे।

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