जानकारी के मुताबिक, महिला वार्ड के बेड नंबर-6 पर मटौंध थाना क्षेत्र के त्रिवेणी गांव निवासी एक युवती भर्ती थी, जिसका उपचार डॉ. आलोक गुप्ता कर रहे थे। मरीज को इंजाइटी की शिकायत थी। शनिवार शाम उसे दर्द बढ़ने पर ड्यूटी पर मौजूद नर्स सविता पटेल ने इंजेक्शन लगाया, लेकिन राहत नहीं मिली। मरीज की हालत देख नर्स ने वार्ड बॉय ऋषभ को निर्देश दिया कि बीएचटी (बेड हेड टिकट) लेकर इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर से आदेश लिखवा लाएं।
इसी दौरान मरीज की तीमारदार नंदिनी ने नर्स से बीएचटी छीन लिया और ऊंची आवाज में बहस करने लगी। उसने नर्स पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने पर तीमारदार ने नर्स सविता पटेल को तमाचा जड़ दिया और मोबाइल फोन पटक कर तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही मैट्रन उमा यादव मौके पर पहुंचीं। नर्स ने पूरी घटना की लिखित शिकायत ट्रॉमा सेंटर स्थित पुलिस चौकी में दी।
चौकी प्रभारी एसआई रामकिशोर यादव ने बताया कि नर्स सविता पटेल की तहरीर पर महिला तीमारदार नंदिनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के कर्मचारियों ने कहा कि हाल के दिनों में जिला अस्पताल में चोरी और मारपीट जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे मरीज और तीमारदार दोनों असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
