एक भारत श्रेष्ठ भारत के साथ सभी समुदाय के लोगों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। एक से बढ़कर एक रंगोली का प्रदर्शन किया गया। रंगोली में गणेश जी, दिव्य महाकुम्भ, देवी, भगवान कृष्ण के अनेक सुंदर-सुंदर रंगोलियों का प्रदर्शन किया गया। सबसे आकर्षक रंगोली मिशन सिंदूर की रही। इसके साथ ही साथ मेहंदी प्रतियोगिता में भी अनेक प्रकार से हाथों में मेहंदी सजाई गई। मेहंदी तथा रंगोली इतनी उत्कृष्ट कोटि के थे कि निर्णायकों को निर्णय लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
वहीं आज सांस्कृतिक संध्या का कार्यक्रम बिहार के लोक गायकों के नाम रही। बिहार के सारण से गोविंद बल्लभ, छपरा से अजय कुमार, सोनपुर से मनोज कुमार सुमन, जमालपुर से संजीत कुमार ने अपने गीत सुना कर लोगों से खूब तालियां बटोरी। अंत में प्रयागराज के गायक गुरमीत सिंह ने संध्या में चार-चांद लगा दिया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्रम एवं बुके तथा माला पहनकर प्रांत मेला प्रमुख डॉ अरुण कुमार त्रिपाठी ने किया। सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रांत संयोजक अखिलेश त्रिपाठी एवं मेला अध्यक्ष डॉ कीर्तिका अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम का संयोजन विभाग संयोजक अश्विनी द्विवेदी तथा सभी का धन्यवाद ज्ञापन प्रभात त्रिपाठी ने किया।
