पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) द्वारा परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) से संबंधित नए नियम और दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, री-इवैल्यूएशन की सुविधा केवल लिखित परीक्षाओं (थ्योरी पेपर्स) के लिए ही उपलब्ध होगी। प्रयोगात्मक परीक्षाओं (प्रैक्टिकल पेपर्स) का री-इवैल्युएशन किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा।

बोर्ड की ओर से नतीजा घोषित किए जाने के बाद री-इवैल्यूएशन का फॉर्म और फीस केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। परीक्षार्थियों को ऑनलाइन फॉर्म और फीस भरने के उपरांत उसका प्रिंट अपने पास संभालकर रखना होगा। जारी शैड्यूल में दर्ज निर्धारित तिथियों के बाद कोई भी फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अधूरे फॉर्म होंगे रद्द, फीस नहीं होगी रिफंड

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित री-इवैल्यूएशन फीस के बिना मिले या अधूरे फॉर्मों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और ऐसे आवेदनों को बिना किसी सूचना के रद्द कर दिया जाएगा। री-इवैल्यूएशन के लिए जमा करवाई गई फीस किसी भी सूरत में वापस (रिफंड) या एडजस्ट नहीं की जाएगी। बोर्ड ने इसके लिए प्रति उत्तर पुस्तिका 1000 रुपए फीस निर्धारित की है।

अंक कम हों या ज्यादा, री-इवैल्यूएशन के बाद घोषित नतीजा ही होगा अंतिम

नियमों के मुताबिक री-इवैल्यूएशन के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के नतीजों में नियमानुसार संशोधन किया जाएगा। यदि जांच के बाद परीक्षार्थी के अंक बढ़ जाते हैं, तो बढ़े हुए अंकों के अनुसार और यदि अंक कम हो जाते हैं, तो कम हुए अंकों के आधार पर ही रिजल्ट में सुधार किया जाएगा। री-इवैल्यूएशन के बाद घोषित किया गया परिणाम ही पूरी तरह अंतिम (फाइनल) माना जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान यदि किसी परीक्षार्थी के नंबर बढ़ते हैं, तो बोर्ड द्वारा जारी मैरिट सूची में उसे ‘ज्वाइंट मैरिट’ के रूप में अटैच किया जाएगा जिससे मुख्य (प्राइमरी) मैरिट सूची प्रभावित नहीं होगी।

पुराना सर्टीफिकेट जमा कराकर मिलेगा नया, 30 मई तक मौका

री-इवैल्यूएशन के नतीजों की जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट पर ऑनलाइन दी जाएगी। यदि अंकों में कोई संशोधन होता है तो इस संबंध में आगे की कार्रवाई परीक्षा शाखा द्वारा की जाएगी। परीक्षार्थी को संबंधित परीक्षा शाखा से संपर्क करके अपना पुराना सर्टीफिकेट जमा करवाना होगा और उसके बदले नया सर्टीफिकेट प्राप्त करना होगा। हालांकि, परीक्षार्थी को असल सर्टीफिकेट तब तक बोर्ड को नहीं भेजना है, जब तक कि उसकी मांग न की जाए। विद्यार्थी री-इवैल्यूएशन का फॉर्म 30 मई तक भर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम या बदला हुआ नतीजा बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट पर देखा जा सकेगा।

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