राज्य सरकार व अन्य विपक्षियों को आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय तथा न्यायमूर्ति जफीर अहमद ने मेसर्स मैग्जटर डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड और दो अन्य की याचिका पर दिया है।
गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर-126 थाना में याची के खिलाफ धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न आरोपों में गोपैसा नेटवेंचर्स की ओर से दर्ज कराया गया है। याची की ओर से दलील दी गई कि मामला वाणिज्यिक लेन-देन से संबंधित है। आपराधिक मुकदमे नहीं दर्ज किए जा सकते। याची को परेशान करने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। ऐसे में इसे रद्द किया जाना चाहिए।
वहीं, अपर शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि याची पर धोखाधड़ी के साथ ही धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत भी मामला बनता है। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए जवाब मांगा है।
