माला दुकानदार रोहित ने बताया कि मंदिर न्यास के अधिकारियों की तरफ से प्लास्टिक मुक्ति धाम की पेशकश की गई है। जिसे ज्यादातर दुकानदारों ने स्वीकार करते हुए प्लास्टिक की टोकरी, प्लास्टिक के लोटा में माला फूल एवं जल, दूध, बेलपत्र इत्यादि देना बंद करने का फैसला लिया हैं। प्लास्टिक की टोकरी के स्थान पर बास्केट का उपयोग आरंभ किया जा रहा है। लकड़ी से बने हुए बास्केट में फूल माला, बेलपत्र दे रहे हैं। वही दूध चढ़ाने के लिए मिट्टी के बर्तन अथवा कागज के गिलास का उपयोग किया जा रहा है।
सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त परिसर घोषित करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, विशेष कार्याधिकारी ने गेट नंबर चार से ढुण्ढिराज एवं माता विशालाक्षी मंदिर क्षेत्र के समस्त पुष्प-माला विक्रेताओं को पुनः “प्लास्टिक मुक्त धाम” अभियान के संबंध में अवगत कराया।
बता दें कि प्लास्टिक मुक्त धाम के लिए मंदिर न्यास के गणमान्य सदस्यों, विधायक नीलकंठ तिवारी, क्षेत्रीय पार्षद कनक लता तिवारी ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के फूल माला दुकानदारों से वार्ता की थी। उस समय ही प्लास्टिक का बहिष्कार करने के लिए दुकानदारों को प्रेरित किया गया था। तभी दुकानदारों ने कहा था कि प्लास्टिक की टोकरी और लोटे में गिरने टूटने का डर नहीं होता है। वहीं खो जाने पर भी, उसकी बहुत कीमत ना होने से ज्यादा नुकसान नहीं होता।
