कार्यक्रम में उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर से संबंधित शंकाओं का हल एक ही मंच पर किया गया। जिनमें उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के फायदे, देश और राज्य के विकास में स्मार्ट मीटर का योगदान, स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली उपयोग पर उपभोक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाना जैसी जानकारियां उपभोक्ताओं को दी गई। वहीं उपभोक्ताओं ने भी यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप के उपयोग के तरीके और स्मार्ट मीटर का स्मार्ट तरीके से उपयोग के बारे में जानकारी ली।

उद्योग-व्यापार मंडल के महामंत्री अनुज गौतम ने कहा कि ‘स्मार्ट मीटर समय की मांग है। हम सभी का लक्ष्य है कि जल्द ही हर घर में स्मार्ट मीटर लग जाए। यह योजना न केवल बिजली वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि बिजली चोरी जैसी समस्याओं को भी समाप्त करेगी। स्मार्ट मीटर का हर घर में इंस्टॉल होना तकनीकी विकास का हिस्सा है और यह एक नई सोच की शुरुआत भी है। जिससे न सिर्फ बिजली उपभोक्ता बल्कि राज्य और देश भी आर्थिक रूप से मजबूत होगा।’

कमलेश कुमार चौधरी (सीनियर इंजीनियर, सर्कल-1, एमवीवीएनएल) ने कहा कि स्मार्ट चौपाल एक सराहनीय पहल है। इससे स्मार्ट मीटर से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने में सहायता मिलेगी। कार्यकम के दौरान अनेकों उपभोक्ता अपनी समस्याएं लेकर आए, जिनका समाधान एक ही मंच पर किया गया। मुझे पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही हर उपभोक्ता के मन का संशय दूर करने में सफल होंगे।

अमीनाबाद के उपभोक्ता शाकिब आलम ने कहा कि मुझे कई दिनों से लग रहा था कि मेरे घर में स्मार्ट मीटर इंस्टॉल होने के बाद मुझे डर लगने लगा था कि कहीं मेरा बिजली का बिजली का बिल ज्यादा तो नहीं आएगा। लेकिन यहां आने के बाद मुझे यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप पर लॉगिन कराकर ये दिखाया गया कि मेरी जितनी खपत हो रही है मेरा बिजली बिल उतना ही आ रहा है।

अमीनाबाद के ही दूसरे उपभोक्ता दानिश अंसारी ने कहा कि ‘मेरी भी बिल से संबंधित कुछ शंकाएं थीं। जिसका समाधान हो गया है। ऐसे सहायता केंद्र उपभोक्ताओं के लिए बहुत जरूरी हैं।’

क्या है ‘स्मार्ट चौपाल’?

स्मार्ट चौपाल मध्यांचल वन इंफ्रा की एक पहल है। जिसमें बिजली विभाग के अधिकारी, स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने वाली कंपनी के कर्मचारी और उपभोक्ता सभी एक मंच पर संवाद करते हैं। यहां सामने आनी वाली शंकाओं और समस्याओं का समाधान इसी मंच पर किया जाता है।

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