जौनपुर,21 जनवरी । यूपी के जौनपुर स्थित लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में युवक का पैर कटने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में किसी बाहरी व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं थी, बल्कि पीड़ित युवक ने स्वयं एमबीबीएस में दाखिले के लिए दिव्यांग कोटे का लाभ पाने की नीयत से यह खौफनाक कदम उठाया था।खलीलपुर निवासी सूरज भास्कर (24), जो डी-फार्मा कर चुका है, 18 जनवरी की रात अपने निर्माणाधीन मकान में अकेले सो रहा था। सुबह उठने पर उसका बायां पैर कटा हुआ मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में उसे पार्थ हॉस्पिटल में इलाज के लिए शिफ्ट किया गया।प्रारंभिक बयान में सूरज ने दावा किया था कि रात में दो अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट की और वह बेहोश हो गया। होश आने पर उसने अपना पैर कटा हुआ देखा। इस बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी शहर गोल्डी गुप्ता ने बताया कि गहन विवेचना, घटनास्थल की जांच, सीडीआर विश्लेषण और संदिग्धों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो गया कि घटना में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं है। जांच के दौरान घटनास्थल के पास से एनेस्थीसिया की शीशियां, सिरिंज और आरी मशीन जैसे उपकरण बरामद किए गए।परिजनों से पूछताछ में पता चला कि सूरज एमबीबीएस में प्रवेश न मिलने के कारण मानसिक तनाव और निराशा में था। उसके पास से एक डायरी भी मिली, जिसमें उसने लिखा था कि वह वर्ष 2026 में हर हाल में एमबीबीएस में दाखिला लेगा। सीडीआर जांच में उसकी प्रेमिका से हुई बातचीत और अक्टूबर में बीएचयू जाने की जानकारी भी सामने आई, जहां वह कुछ दस्तावेज हासिल करने का प्रयास कर रहा था।सीओ सिटी ने बताया कि सूरज को मेडिकल प्रक्रियाओं की जानकारी थी, क्योंकि वह पहले से डी-फार्मा कर चुका है। इसी जानकारी का उपयोग कर उसने खुद ही यह घटना अंजाम दी, ताकि दिव्यांग कोटे का लाभ लेकर एमबीबीएस में दाखिला मिल सके। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
