मुजफ्फरनगर। हिंदू संघर्ष समिति के तत्वावधान में रविवार को शुकतीर्थ में आयोजित सनातन धर्म संसद में साधु-संतों, महामंडलेश्वरों और विशाल संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने एक स्वर में राष्ट्रधर्म, सनातन मूल्यों और सामाजिक एकता को नई शक्ति प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया। महर्षि शुकदेव की तपोभूमि कहे जाने वाले इस तीर्थ में सुबह से ही आध्यात्मिक वातावरण अपने चरम पर नजर आया।

धर्म संसद के दौरान देशभर से पहुंचे संतों और धर्माचार्यों ने कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने, तथा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन जैसे प्रमुख प्रस्ताव शामिल रहे। सभा में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल भी उपस्थित रहे। उनके आगमन पर समिति पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
अपने संबोधन में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि शुकतीर्थ में आयोजित यह धर्म संसद न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सनातन संस्कृति और राष्ट्रधर्म को नई दिशा देने वाला प्रभावी मंच साबित हुई है। उन्होंने कहा कि संतों के प्रेरक उद्बोधनों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और आध्यात्मिक जागरण की स्पष्ट ध्वनि सुनाई दी, जिसने जनमानस को नई ऊर्जा प्रदान की है।

संत समाज ने सभा में सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं, भारतीय आध्यात्मिक धरोहर, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया। युवाओं से संस्कृति संरक्षण और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया गया। संतों ने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारत की पहचान और शक्ति का मूल आधार है। पूरे कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा शुकतीर्थ गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को आध्यात्मिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उनका कहना था कि यह धर्म संसद आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रधर्म का प्रेरक मार्ग प्रशस्त करेगी।
सभा में प्रमुख रूप से महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी, महामंडलेश्वर अनंतानंद सरस्वती महाराज, स्वामी विज्ञानंद सरस्वती, स्वामी विष्णु आचार्य, नरेंद्र पावर साधु गुर्जर, शिवसेना जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेडा, देशराज चौहान, कुंवर देव राज पवार, सुभाष चौहान, ललित मोहन शर्मा, सत्यप्रकाश रेशु, मनोज पाटिल, राजेंद्र तायल, गिरजेश कुमार, सोनू, शिवकुमार, पूनम चौधरी, मधु तायल, अमरीश गोयल, भुवन शर्मा, अरुण प्रताप आदि उपस्थित रहे।
