राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को बनाते समय सभी को विश्वास में लिया जाना चाहिए और इससे मतभेद नहीं पैदा होने चाहिए। भागवत ने आरएसएस के शताब्दी समारोह के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।
हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की मांग पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सावरकर को यह पुरस्कार दिए जाने से इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ जाएगी। भागवत ने यह भी कहा कि आरएसएस के लिए ‘अच्छे दिन’ स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत और वैचारिक नीतियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण आये हैं।
