राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को बनाते समय सभी को विश्वास में लिया जाना चाहिए और इससे मतभेद नहीं पैदा होने चाहिए। भागवत ने आरएसएस के शताब्दी समारोह के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।

हाल में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भागवत ने कहा कि समझौतों में लेन-देन होता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होना चाहिए… हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमें नुकसान न हो।’’

हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की मांग पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सावरकर को यह पुरस्कार दिए जाने से इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ जाएगी। भागवत ने यह भी कहा कि आरएसएस के लिए ‘अच्छे दिन’ स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत और वैचारिक नीतियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण आये हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights