आज अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह प्रेमराज कौशिक के बयान दर्ज किए गए। आरोपितों की ओर से प्रेमराज कौशिक का आंशिक क्रास-एग्जामिनेशन किया गया। प्रेमराज कौशिख का बयान सुबह दस बजे से लेकर दोपहर एक बजकर 15 मिनट तक दर्ज हुआ। उसके बाद प्रेमराज कौशिक ने कोर्ट से कहा कि उसे लंच के बाद पूर्व नियोजित काम के लिए जाना है। तब कोर्ट ने प्रेमराज कौशिक को 3 दिसंबर को क्रास-एग्जामिनेशन के लिए आने का निर्देश दिया।
इसके पहले 24 नवंबर को अभियोजन दो गवाहों एसपी मीणा और मोहम्मद इमरान ने अपने बयान दर्ज कराए थे। कोर्ट ने 28 जुलाई को अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन सीईओ महबूब आलम, हामिद अख्तर, किफायतुल्लाह खान, रफीऊशान खान, इमरान अली, मोहम्मद अबरार, आकिब जावेद, अजहर खान, जाकिर खान और अब्दुल मन्नर के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने एक मार्च, 2023 को सभी आरोपितों को जमानत दी थी। 3 नवंबर, 2022 को कोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने इन आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2), 13((1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस मामले में 23 नवंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने 21 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई के मुताबिक दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ और संविदा पर दूसरी नियुक्तियों में गड़बड़ियां की गई। चार्जशीट में कहा गया है कि इन नियुक्तियों के लिए अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और दूसरे आरोपितों के साथ साजिश रची, जिन्हें वक्फ बोर्ड में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक इन नियुक्तियों में मनमानी की गई और अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
दिल्ली वक्फ बोर्ड के मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले चुकी है। ईडी ने 9 जनवरी, 2024 को चार्जशीट दाखिल की थी। करीब पांच हजार पेज की चार्जशीट में ईडी ने जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर को आरोपित बनाया है। ईडी ने पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपित बनाया है।
हिन्दुस्थान समचार/संजय
