कोर्ट ने कहा कि चालक अमित खन्ना के पास वैध ड्राईविंग लाईसेंस भी नहीं था और वो वाहन चलाते समय शराब के नशे में था। इस दुर्घटना के लिए वाहन के मालिक लोकेश शर्मा भी जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने वाहन का बीमा करने वाली कंपनी बजाज अलियांज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को एक महीने के अंदर मुआवजे की रकम जमा करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने 27 जुलाई, 2023 को चार आरोपितों अमित खन्ना, मनोज मित्तल, मिथुन और कृष्णा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120B, 201, 212 समेत अन्य धाराओं के तहत जबकि तीन आरोपितों दीपक खन्ना, अंकुश और आशुतोष के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 201, 212, 182, 34 और 120बी के आरोप तय करने का आदेश दिया था। दिल्ली पुलिस ने एक अप्रैल 2023 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें 120 लोगों को गवाह बनाया। अंकुश खन्ना आरोपित अमित खन्ना का भाई है। आशुतोष भारद्वाज उस कार का मालिक है, जिस कार से घसीटते हुए अंजलि की मौत हुई थी। आशुतोष पर आरोप है कि उसने अन्य आरोपितों को बचाने की कोशिश की। इस मामले का सातवां आरोपित अंकुश खन्ना एक और आरोपित अमित खन्ना का भाई है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि अमित कार चला रहा था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। एफआईआर के मुताबिक दीपक ने शुरुआत में पुलिस को बताया था कि वो कार चला रहा था और मनोज मित्तल उसके बगल वाली सीट पर था। अमित, कृष्णा और मिथुन पीछे वाली सीट पर बैठे थे। पुलिस ने इस मामले में 2 जनवरी 2023 को आरोपितों मनोज मित्तल, दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्णा और मिथुन को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कार से स्कूटी सवार युवती को टक्कर मारी। इसके बाद वे उसे 13 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए। इस दौरान युवती कार में ही फंसी रही। युवती की सारी हड्डियां चकनाचूर हो गयीं और उसके तन पर एक भी कपड़ा नहीं बचा। युवती के दोनों पैर, सिर व शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह कुचल गए थे।
