सूत्रों के अनुसार, संपत्ति विभाग की लापरवाही और मिलीभगत के कारण निगम की जमीन पर दुकानों, मकानों और शोरूमों का जाल फैल गया है। खासकर एक धार्मिक स्थल के पास निगम की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं। पार्षदों ने इस मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कब्जे की पूरी रिपोर्ट तैयार कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो निगम की यह कीमती जमीन बचाई जा सकती थी। अब उम्मीद है कि जल्द ही निगम का बुलडोजर अवैध निर्माणों पर चलकर जमीन को कब्जा मुक्त कराएगा।
